मन की मन: स्तिथि खुद ही उलझती सुलझती रहती है जो रख दी बातें सामने अपनों के, मन का बोझ कर हल्का वो स्वछंद फिरा करती है। जो बातें रह गई दबी मन में, मन…
Read moreखजूर मधुर, शीतल, पौष्टिक व सेवन करने के बाद तुरंत शक्ति-स्फूर्ति देनेवाला है । यह रक्त, मांस व वीर्य की वृद्धि करता है । हृदय व मस्तिष्क को शक…
Read moreलिखता हूँ फिर मिटाता हूँ कुछ लिखने की कोशिश करता हूँ मन में अंतर्द्वंदों की सरिता जो बहती है फिर शांत होती उन लहरों की शीतलता देख …
Read moreकिसी गांव में एक संत घूमा करते थे। उनकी सफेद लंबी दाढ़ी थी और हाथ में एक मोटा डंडा। चीथड़ों में लिपटा उसका ढीला—ढीला और झुर्रियों से भरा बुढ़ा…
Read moreभगवान सूर्य परमात्मा नारायण के साक्षात् प्रतीक हैं। श्रीहरि ही सूर्य के रूप में विराजमान हैं; इसलिए वे सूर्यनारायण कहलाते हैं। भगवान सूर्य प…
Read moreदीपावली 2019: पांच दिवसीय त्योहार के पांच उपाय*_(दिवाली का पंच दिवसीय पर्व ऐसा अनुभव प्रयोग है जिसमें पंचतत्व, पंचकोश तथा …
Read moreइलायची दो प्रकार की होती है - छोटी व बड़ी । आमतौर पर छोटी इलायची का ही उपयोग करना चाहिए, जब तक कि विशेषरूप से बड़ी इलायची के लेने का निर्दे…
Read moreआयुर्वेद के मतानुसार आँवले थोड़े खट्टे, कसैले, मीठे, ठंडे, हलके, त्रिदोष (वात-पित्त-कफ) का नाश करने वाले, रक्तशुद्धि करनेवाले, रुचिकर, मूत्रल, प…
Read moreआ हम तुम चलें साथ वहाँ जहाँ प्यार ही प्यार हो हम दोनों के दरम्यां कोई गम भी न हो पास वहाँ जहाँ प्यार ही प्यार हो हम दोनों के द…
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