चांद की चांदनी से खूबसूरत है तू
दिल को भाए वही ऐसी मूरत है तू
सिवाय तेरे मन कहीं लगता नहीं
मेरे ख्वाबों में तू और ख्यालों में तू
चांद की चांदनी से खूबसूरत है तू
दिल को भाए वही ऐसी मूरत है तू
हसीन वादियों की रौनक है तुझी से
मेरे आज में तू और कल में भी तू
चांद की चांदनी से खूबसूरत है तू
दिल को भाए वही ऐसी मूरत है तू
साथ होना ही तेरा है संबल मेरा
जिधर देखता हूं उधर तू ही तू
चांद की चांदनी से खूबसूरत है तू
दिल को भाए वही ऐसी मूरत है तू
तुझे एक पल न भूले दिल ये मेरा
दुःख में साथी तूही और सुख में भी तू
चांद की चांदनी से खूबसूरत है तू
दिल को भाए वही ऐसी मूरत है तू
@अरुण पांडेय
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