मेरी खामोशियां मिटने लगी हैं
जबसे है तू मुझको मिली
मुझे जीने की वजह मिल गई है
जबसे है तू मुझको मिली
पहले था खामोश जैसे
हो कोई दरिया का पानी
हलचल सी होने लगी है
जबसे है तू मुझको मिली
मेरी खामोशियां मिटने लगी हैं
जबसे है तू मुझको मिली
रहता था खामोश हरदम
जैसे पानी भरा कोई बादल
बरसा हूं अब जाके मैं तो
जबसे है तू मुझको मिली
मेरी खामोशियां मिटने लगी हैं
जबसे है तू मुझको मिली
मेरे सीने से अब मिट रहें हैं
जो खामोशियों के थे किस्से
अब कोई तो सुनने लगा है
जबसे है तू मुझको मिली
मेरी खामोशियां मिटने लगी हैं
जबसे तू मुझको मिली
@अरुण पांडेय
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