ये जिंदगी भी बड़ी अजीब है
पर ये रहती मेरे ही करीब है
पल पल में अपना,
रंग ये बदलती है
रंग ये बदलती है
परछाई बन कर,
मेरे साथ चलती है
मेरे साथ चलती है
ये मेरी कही बात,
कहां सुनती है
कहां सुनती है
पर फिर भी मेरे,
ही साथ रहती है
ही साथ रहती है
ये जिंदगी मुझे सब,
कुछ सिखाती है
कुछ सिखाती है
ठोकर खाऊं तो,
उठना भी बताती है
उठना भी बताती है
जिंदगी में तमाम,
मुश्किलें भी आती हैं
मुश्किलें भी आती हैं
पर ये भी गुज़र जायेगा,
ये ही समझाती है
ये ही समझाती है
ये ही है जो मुझे,
हंसाती और रुलाती है
हंसाती और रुलाती है
क्या इसे ही दुनिया,
किस्मत बताती है
किस्मत बताती है
ये अपनों से दूर करती है,
तो कभी पास भी लेआती है
तो कभी पास भी लेआती है
ये ही तो है जो उलझे,
रिश्तों को सुलझाती है
रिश्तों को सुलझाती है
कुछ ऐसा ही मेरा,
और इसका रिश्ता है
और इसका रिश्ता है
ये है तो मैं हूं बस ये,
ही हमारा नाता है
ही हमारा नाता है
ये जिंदगी भी बड़ी अजीब है
पर ये रहती मेरे ही करीब है
@अरुण पांडेय
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