एक मात्र जीवन है, इस धरती पर
कहीं पर जंगल, कहीं पर पानी
भिन्न भिन्न हैं, मौसम इस पर
कहीं पर ऊंचे ऊंचे, पर्वत इस पर
कितनी सुन्दर, धरती है ये
सबको जीवन, देती है ये
कहीं पर सर्दी, कहीं पर गरमी
सब जीवों का, आश्रय है ये
प्रकृति कहीं, कुछ और नही है
कई चीजों का, समावेश यहीं है
कुदरत की सुंदर, देन है धरती
हरे भरे मैदान और, झील कहीं पर
कहीं सुंदर फूलों से, सजी है धरती
नीला नीला अम्बर, इसके ऊपर
नीला ही दिखता, समुंद्र धरा पर
और कहीं दिखती, बर्फीली चादर
प्रकृति की रक्षा, हेतु कदम बढ़ाए
यदि भविष्य ,सुरक्षित रखना है तो
आओ सब, मिलकर हम पेड़ लगाए
@अरुण पांडेय


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